हल्दी के फायदे:-
हल्दी (टर्मरिक) भारतीय वनस्पति है। यह अदरक की प्रजाति का ५-६ फुट तक बढ़ने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठों में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही एक चमत्कारिक द्रव्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। औषधि ग्रंथों में इसे हल्दी के अतिरिक्त हरिद्रा, कुरकुमा लौंगा, वरवर्णिनी, गौरी, क्रिमिघ्ना योशितप्रीया, हट्टविलासनी, हरदल, कुमकुम, टर्मरिक नाम दिए गए हैं। आयुर्वेेेद में हल्दी को एक महत्वपूर्ण औषधी कहा गया है। भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है और धार्मिक रूप से इसको बहुत शुभ समझा जाता है। विवहा हल्दी की रसम का अपना एक विशेष महत्व है
हल्दी के गुण –
Haldi फाइबर, पोटैशियम, विटामिन B6, मैग्निशियम और विटामिन C का अच्छा स्रोत है। 1 औंस नियमित हल्दी का सेवन करने से यह 26 प्रतिशत मैगनीज और 16 प्रतिशत आयरन की प्रतिदिन जरूरत की भरपायी करता है। यह वसा को पचाने की शरीर की भमता बढ़ता है और सोरायसिस(psoriasis) और एक्जिमा (eczema) जैसी बीमारियों से बचाता है। कच्ची हल्दी में भी बहुत लाभकारी गुण होते हैं और हार्ट स्ट्रोक से बचाने में मदद करता है।
हल्दी के फायदे –
Haldi सैकड़ों गुणों से भरपूर होती है इसलिए कई विकारों के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। आइये जानते हैं कि हल्दी के फायदे क्या हैं।
हृदय रोग दूर करने में हल्दी के फायदे –
हल्दी में ऑक्सीकरणरोधी (antioxidant) गुण पाया जाता है और यह हृदय को कई रोगों से बचाने में मदद करता है। हल्दी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और हृदय की सेहत को ठीक रखने में सहायक होता है। रिसर्च के मुताबिक प्राचीन काल से ही हल्दी का उपयोग सीने के दर्द को ठीक करने में किया जाता है। हल्दी अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है और हृदय को कई बीमारियों से बचाता है। नियमित हल्दी का सेवन करने से रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और हृदय रोग नहीं होते हैं।
कैंसर से बचाने में हल्दी लाभदायक –
एक स्टडी में पाया गया है कि हल्दी में जो यौगिक मौजूद होता है उसमें कैंसररोधी गुण पाये जाते हैं। 100 से 200 मिलीग्राम हल्दी का प्रतिदिन सेवन करने से कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है। कैंसर के रोगियों को हल्दी का सेवन करने से उनके इम्यून सिस्टम के रसायन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए अधिक सांद्र हो जाते हैं। हल्दी कैंसर को बढ़ने से रोकता है और कीमोथेरेपी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है।
डायबिटीज के इलाज में हल्दी के फायदे –
हल्दी में मौजूद कुरकुमिन ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है और डायबिटीज होने से शरीर की रक्षा करता है। 9 महीनों तक लगातार हल्दी का प्रतिदिन सेवन करने से व्यक्ति को डायबिटीज होने की संभावना कम होती है। यह टाइप-1 डायबिटीज के रोगियों के इम्यून सिस्टम को अतिसक्रिय बनाता है और इस रोग के लक्षणों को कम करता है। इसके अलावा हल्दी डायबिटीज से जुड़ी लीवर की बीमारियों को भी खत्म कर देता है। 6 ग्राम हल्दी का सेवन रोज करने से इंसुलिन का स्तर भी बढ़ता है। इस तरह हल्दी डायबिटीज रोगियों के लिए रामबाण की तरह काम करता है।
हल्दी के फायदे स्किन के लिए –
Haldi कई तरह से त्वचा के देखभाल के लिए फायदेमंद होता है। यह पिंपल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है और सिबेसियस ग्लैंड से ऑयल के स्राव को कम करता है जिसकी वजह से त्वचा पर मुंहासे नहीं होते हैं। हल्दी मुंहासे के दाग धब्बों को भी दूर करता है। हल्दी में कुरकुमिन (curcumin) नाम का यौगिक पाया जाता है और यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करने में सहायता करता है। ज्यादातर घरों में घरेलू नुस्खों के रूप में त्वचा पर निखार लाने के लिए हल्दी का उपयोग किया जाता है।
वजन घटाने में हल्दी के फायदे –
हल्दी शरीर के मेटाबोलिक रेट को बढ़ाने में मदद करता है जिसकी वजह से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी घटने लगती है और कैलोरी घटने से वजन भी कम होने लगता है। हल्दी लीवर के लिए भी फायदेमंद होता है। हल्दी में मौजूद कुरकुमिन (curcumin) नाम का यौगिक कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और यह मांसपेशियों के लिए मसाज के रूप में काम करता है और शरीर के सूजन को दूर करता है। जब शरीर में किसी तरह का सूजन नहीं होता है तो वजन घटाना काफी आसान हो जाता है।
हल्दी के लाभ डिप्रेशन में –
एक रिसर्च में यह पाया गया है कि हल्दी शरीर में हार्मोन के संतुलन को बेहतर बनाता है और यह डिप्रेशन, मूड स्विंग और एवं तनाव को कम करने में बहुत मदद करता है। इसलिए डिप्रेशन से गुजर रहे व्यक्तियों को हल्दी का सेवन किसी न किसी रूप में जरूर करना चाहिए।
हल्दी के फायदे मासिक धर्म में –
अगर आपको मासिक धर्म में बेचैनी होती है तो इस स्थिति में हल्दी का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा मासिक धर्म के दौरान ऐंठन, सूजन, अत्य़धिक रक्तस्राव और मूड स्विंग होने जैसी परेशानियों को भी हल्दी तुरंत ठीक कर देता है। हल्दी जड़ी-बूटी का काम करती है और माहवारी के दौरान सभी लक्षणों को दूर करने में बहुत उपयोगी होती है।
हल्दी के गुण दर्द निवारक के रूप में –
Haldi प्राकृतिक दर्दनिवारक(painkiller) का भी काम करता है। यह अर्थराइटिस के दर्द से निजात दिलाने में भी बहुत सहायक है। हल्दी सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाने में मदद करता है जो कि दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है। दो चम्मच हल्दी को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाने से दर्द और सूजन कम हो जाती है।
फटी एड़ियों के लिए हल्दी है फायदेमंद –
हल्दी के कसैले गुण के कारण यह पैरों की फटी एडियों को ठीक करने में बहुत सहायक होता है। अरंडी के तेल(castor oil) में बराबर मात्रा में कोकोनट का तेल मिलाएं और इसमें एक चम्मच हल्दी मिलाकर इस पेस्ट को पैरों की फटी एड़ियों पर 15 मिनट तक लगाकर रखें फिर ठंडे पानी से धो लें। जल्द ही फर्क महसूस होगा।
हल्दी के फायदे रूसी के लिए –
ऑलिव ऑयल में हल्दी मिलाकर बालों में लगाने से बालों में रूसी की समस्या खत्म हो जाती है और बाल जड़ से मजबूत होते हैं। (haldi for hair in hindi) हल्दी और ऑलिव ऑयल को बराबर मात्रा में मिलाकर सिर में अच्छे से लगाएं और 20 मिनट बाद बालों में शैंपू कर लें, रूसी से निजात मिल जाएगी।
